सुबह जल्दी जागो
आओ प्रकृति के पास
और देखो कि कैसे
फूल और पक्षी सुनाते हैं अपने राग
सूर्य की किरणे भी कैसे शरीर को
नन्हीं पोती की तरह गुदगुदाती हैं
और तुम्हारे भीतर कई
सफेद कलियाँ खिल -खिल जाती हैं।
ठण्डी ताजी हवा भी
तुम्हारे बदन को सुहाती है,
और तुम्हें स्फूर्ति से भर जाती है।
तब तुम
दिन भर फूल की तरह खिल -खिल जाते हो
स्वयं ही नहीं प्रफुलित रहते
दूसरों को भी हँसाते हो
इसी तरह दिन ही नहीं स्वर्ग -सा
पूरा जीवन बिताते हो।
तुम्हारे बदन को सुहाती है,
और तुम्हें स्फूर्ति से भर जाती है।
तब तुम
दिन भर फूल की तरह खिल -खिल जाते हो
स्वयं ही नहीं प्रफुलित रहते
दूसरों को भी हँसाते हो
इसी तरह दिन ही नहीं स्वर्ग -सा
पूरा जीवन बिताते हो।
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