कोई भी
इच्छा, चाह या पुस्तक
पूरी नहीं होती मेरी
सारे पन्ने सफ़ा हैं
और मैं किसी भी
लकीर से पहले
हो चुका हूँ
खत्म।
--------- सुरेन्द्र भसीन
इच्छा, चाह या पुस्तक
पूरी नहीं होती मेरी
सारे पन्ने सफ़ा हैं
और मैं किसी भी
लकीर से पहले
हो चुका हूँ
खत्म।
--------- सुरेन्द्र भसीन
No comments:
Post a Comment