हवा फुसफुसाती
पेड़ के कानों में कुछ,
पेड़, हँसने-झूमने लग जाते हैं मस्ती में
अपनी जिज्ञासा में जलता-सोचता मैं.....
हवा से पेड़ का जो नाता है,
हमसे क्यों नहीं बन पाता है ?
क्योंकि इन्सान दूषित करता हवा को
पेड़ प्रदूषण मिटाता है इसलिये
इन्सान से ज्यादा
पेड़ महत्व का हो जाता है।
पेड़ के कानों में कुछ,
पेड़, हँसने-झूमने लग जाते हैं मस्ती में
अपनी जिज्ञासा में जलता-सोचता मैं.....
हवा से पेड़ का जो नाता है,
हमसे क्यों नहीं बन पाता है ?
क्योंकि इन्सान दूषित करता हवा को
पेड़ प्रदूषण मिटाता है इसलिये
इन्सान से ज्यादा
पेड़ महत्व का हो जाता है।
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