लालसा
हो सकता है
यहाँ से जाने के बाद
आकाश में तारे ही बन जाते हों
हम सब लोग
ऊपर, बहुत ऊपर जाकर
आकाश में टिमटिमाते
डबडबायी आँखों से
नीचे झाँकते
वापिस नीचे आने को आतुर
लालायित फिर से
अपना घर बसाने को
अपनी गलतियाँ मिटाने को
एक नया
सुधरा जीवन पाने को।
------------ -सुरेन्द्र भसीन
हो सकता है
यहाँ से जाने के बाद
आकाश में तारे ही बन जाते हों
हम सब लोग
ऊपर, बहुत ऊपर जाकर
आकाश में टिमटिमाते
डबडबायी आँखों से
नीचे झाँकते
वापिस नीचे आने को आतुर
लालायित फिर से
अपना घर बसाने को
अपनी गलतियाँ मिटाने को
एक नया
सुधरा जीवन पाने को।
------------ -सुरेन्द्र भसीन
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