आहत
बिजली की तारों पर
बैठे दो कबूतर
कोई प्रेम-क्रीड़ा करते हैं
या फिर किसी वर्चस्व की
लड़ाई लड़ते हैं...
मगर तारों में बिजली
आ जाने भर से
फड़क के
नीचे आ पड़ते हैं।
------------- --सुरेन्द्र भसीन
बिजली की तारों पर
बैठे दो कबूतर
कोई प्रेम-क्रीड़ा करते हैं
या फिर किसी वर्चस्व की
लड़ाई लड़ते हैं...
मगर तारों में बिजली
आ जाने भर से
फड़क के
नीचे आ पड़ते हैं।
------------- --सुरेन्द्र भसीन
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