Thursday, August 23, 2018

ज़िब्ह

पड़ोसी के
घर बंधे बकरे को नहीं
पर मुझे तो
यह मालूम है कि
कल बकरीद है, इसलिए
बकरे की मैं... मैं पर
मैं बड़ा छटपटाता हूँ
और उसके
कल एक बार जिबह होने से पहले
खुद आज
कई-कई बार
क़त्ल हुआ जाता हूँ...
       ----- सुरेन्द्र भसीन             

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