अनेकानेक
भावनाओं, उत्तेजनाओं और छटपटाहटों
के स्फुरित हो जाने पर
देह में नीचे बहुत नीचे
पुकेसर(पुरुष केसर) जड़ें जमता।
वक़्त आने पर
चाहतों-अरमानों की देह धरता
फूल बन उबर आता -
शिशु कहलाता।
---------- -सुरेन्द्र भसीन
देह में नीचे बहुत नीचे
पुकेसर(पुरुष केसर) जड़ें जमता।
वक़्त आने पर
चाहतों-अरमानों की देह धरता
फूल बन उबर आता -
शिशु कहलाता।
---------- -सुरेन्द्र भसीन
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